रायपुर, 08 फरवरी 2026।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया। रायपुर में ऑर्गनाइजर के कॉनक्लेव के दौरान उन्होंने कहा, “मैं भूपेश बघेल के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री रहा हूं। पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि उनकी सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया। किसी हथियारबंद समूह को संरक्षण देना संविधान और लोकतंत्र के विरुद्ध है।”
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत @2047 का शुभंकर बनेगा। उन्होंने कहा कि यह राज्य न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि नए भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्री शाह ने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचारधारा, सुशासन और 25 वर्षों की सतत विकास यात्रा का परिणाम है। उन्होंने छोटे राज्यों की अवधारणा पर उठे संदेहों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड ने सिद्ध कर दिया है कि स्पष्ट विचारधारा और मजबूत नेतृत्व से छोटे राज्य भी बड़े विकास मॉडल बन सकते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में से लगभग 18 वर्ष भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही है और इसी अवधि में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 25 गुना बढ़ा है।
माओवादी समस्या पर बोलते हुए श्री शाह ने स्पष्ट किया कि यह केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार हथियार छोड़ने वालों के लिए पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने का पूरा अवसर दे रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर सहित माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और 31 मार्च 2026 से पहले देश को माओवादी समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
