राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ चमका: ‘कटहल’ से ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ तक रचा इतिहास, CM साय ने दी शुभकामनाएं

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ चमका: ‘कटहल’ से ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ तक रचा इतिहास

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ ने अपनी साहित्यिक और सिनेमाई प्रतिभा से एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली है। राज्य के दो प्रतिभावान रचनाकारों – अशोक मिश्र और दीपक किंगरानी – को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

बिलासपुर में जन्मे और रायपुर के दुर्गा कॉलेज से शिक्षित वरिष्ठ लेखक अशोक मिश्र द्वारा लिखित फिल्म ‘कटहल’ को इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ फिल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस फिल्म का निर्देशन उनके बेटे यशोवर्धन मिश्र ने किया है, जिसके लिए यह उनकी पहली निर्देशित फिल्म है। अशोक मिश्र इससे पहले भी दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं, परंतु बेटे के साथ मिली इस उपलब्धि को उन्होंने “दोगुनी खुशी” बताया।

फिल्म ‘कटहल’ सामाजिक विसंगतियों पर एक व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है और 19 मई 2023 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। अशोक मिश्र ने कहा, “यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज का आईना भी है। राष्ट्रीय मान्यता मिलना सपने जैसे अनुभव से कम नहीं है।”

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के युवा लेखक दीपक किंगरानी को फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। रायपुर के एक निजी विद्यालय से शिक्षा प्राप्त दीपक ने इस फिल्म में सामाजिक सच्चाइयों को संवेदनशील और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया। पुरस्कार प्राप्त करते हुए उन्होंने कहा, “यह सिर्फ मेरी नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की उपलब्धि है। यह सम्मान मेरी जिम्मेदारी और बढ़ाता है।”

इसके अतिरिक्त, IPTA रायगढ़ के सहयोग से बनी नॉन-फीचर फिल्म ‘ द फर्स्ट फिल्म’ को भी दो राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। रायगढ़ के कलाकारों और लोकेशन की सौंधी खुशबू से सजी इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय फलक पर चमकाया।

राज्य में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों की शुभकामनाएं ( box में लेना फोटो के साथ)

इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी विजेताओं और राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा, “यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक क्षमता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।”

वहीं, पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता और भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने अपने संदेश में कहा,
“71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना से पूरे देश में विशेष पहचान बनाई है। यह हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है।”

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ की उपस्थिति सिर्फ संख्या की दृष्टि से नहीं, बल्कि गुणवत्ता और विविधता की दृष्टि से उल्लेखनीय रही। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने राज्य की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है कि मेहनत और समर्पण से राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की आवाज को बुलंद किया जा सकता है।

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