नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मचने से 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद रेलवे ने जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो घटना के कारणों की जांच करेगी। जबकि घटना के बाद रेलवे ने मुआवजे की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 2.5 लाख रुपये और मामूली घायल यात्रियों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के साथ संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हैं।
यह घटना रात करीब 10 बजे प्लेटफार्म नंबर 13 और 14 पर हुई, जब हजारों श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ में जाने के लिए ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह घटना अत्यधिक भीड़ के कारण हुई, जबकि कुछ लोग इसे भगदड़ के रूप में देख रहे हैं।
दिल्ली फायर सर्विस को घटना के बारे में सूचना मिलने के बाद चार दमकल गाड़ियों और एम्बुलेंस को मौके पर भेजा गया। घायलों को इलाज के लिए एलएनजेपी और लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है और मृतकों तथा घायलों की सही संख्या का खुलासा करने की अपील की है। दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भी अस्पताल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी घटना के बाद रेलवे स्टेशन और अस्पताल का दौरा किया।