राज्य सरकार ने छोटे दुकानदारों को राहत देने और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए “दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017” और “नियम 2021” को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इसके साथ ही पुराने अधिनियम 1958 और नियम 1959 को निरस्त कर दिया गया है।
पुरानी व्यवस्था के तहत दुकानों को सप्ताह में एक दिन बंद रखना अनिवार्य था, लेकिन अब दुकानें 24 घंटे और पूरे सप्ताह खुली रह सकती हैं, बशर्ते कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। नई व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारियों को कुछ सुरक्षा शर्तों के साथ रात में भी काम करने की अनुमति होगी।
सभी नियोजकों को अपने कर्मचारियों का रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक रूप से मेंटेन करने का आदेश दिया गया है। हर साल 15 फरवरी तक सभी दुकानों और स्थापनाओं को अपने कर्मचारियों का वार्षिक विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
इस नए अधिनियम के अनुसार, यह पूरे राज्य में लागू होगा, और 10 से अधिक कर्मचारियों वाली दुकानों पर इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। वहीं, पुराना अधिनियम केवल नगरीय निकाय क्षेत्रों में प्रभावी था। इस बदलाव से छोटे दुकानदारों को राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि नया कानून केवल उन दुकानों और स्थापनाओं पर लागू होगा जिनमें 10 या उससे अधिक कर्मचारी होंगे।
नए अधिनियम में जुर्माने की राशि को बढ़ाया गया है, लेकिन अपराधों के कम्पाउंडिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे नियोजकों को कोर्ट की कार्रवाई से बचने का विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, निरीक्षकों की जगह फैसिलिटेटर और मुख्य फैसिलिटेटर नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यापारियों और नियोजकों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
पहले दुकानों और स्थापनाओं का पंजीकरण नगरीय निकायों द्वारा किया जाता था, लेकिन अब 13 फरवरी 2025 की अधिसूचना के अनुसार, यह कार्य श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा।