रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। इस बजट में प्रदेश के विकास और सुधार के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। वित्तमंत्री ने बताया कि इस बार बजट में “गति” पर फोकस किया गया है, जबकि पिछले बजट में “ज्ञान” पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
मुख्य बिंदुओं में:
- पेट्रोल सस्ता होगा: राज्य में पेट्रोल की कीमत 1 रुपये सस्ती मिलेगी।
- कर्मचारियों को बड़ी सौगात: प्रदेश के कर्मचारियों का डीए 53 प्रतिशत बढ़ाया गया है, जो अप्रैल से लागू होगा।
- मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी: प्रदेश में अब 14 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं, और बस्तर, सरगुजा के लोग हवाई यात्रा कर रहे हैं।
- राज्य की आर्थिक स्थिति: राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, और प्रति व्यक्ति आय 10 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये हो गई है।
- महत्वपूर्ण योजनाएं: महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार:
- रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल चलाने के लिए सर्वे होगा।
- नए पुलों और सड़कों के लिए भारी बजट का प्रावधान।
- स्टेट डाटा सेंटर और फूड पार्क बनाने की योजना।
- नवीन योजनाएं:
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए 22 करोड़ रुपये।
- 10 करोड़ रुपये का प्रावधान ई-गवर्नेंस के लिए।
- जल जीवन मिशन के लिए 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- नई सड़कों और रिंग रोड के लिए 2 हजार करोड़ का प्रावधान।
- शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार:
- 12 नए नर्सिंग कॉलेज और 6 नए फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे।
- छत्तीसगढ़ में महिला हॉस्टल और शिक्षक भर्ती की योजना।
- सुरक्षा और उद्योग:
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष सुरक्षा बल का गठन।
- उद्योगों के लिए विशेष भवन निर्माण, स्टार्टअप्स को बढ़ावा।
- सांस्कृतिक और धार्मिक विकास:
- राम मंदिर दर्शन के लिए 36 करोड़ रुपये, राजिम कुंभ के आयोजन के लिए 8 करोड़ रुपये।
- स्थानीय आदिवासी संस्कृति को संजोने के लिए संग्रहालय बनेंगे।
इस बजट में छत्तीसगढ़ की समृद्धि और विकास के लिए व्यापक योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया है, जो प्रदेश के नागरिकों की जीवनशैली में सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक साबित होगा।