रायपुर:/ 21 मई 2025/ केंद्र और राज्य की सरकार तेजी से नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देशभर से माओवाद के समाप्ति का डेडलाइन भी जारी कर दिया है। शाह का मानना है कि 2026 के मार्च महीने तक पूरे भारत से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। सरकार अपने इस संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। 2024 और 2025 की शुरुआत में बड़ी संख्या में नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया। इसके अलावा पुलिस और सुरक्षाबलों के दबाव में सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और कई गिरफ्तार हुए।
आज भी सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में सबसे बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। माओवादियों का शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू मुठभेड़ में मारा गया है। माओवादियों के महासचिव के ढेर होने पर सरकार गदगद है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए इस सफलता पर खुशी जताई और सुरक्षाबलों की जमकर सराहना की।
हालांकि छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव ने इस कामयाबी पर राजनीतिक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान की यह सफलता एक लंबी रणनीति का परिणाम है, जिसकी नींव कांग्रेस सरकार के समय 2020 में रखी गई थी।
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टी.एस. सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“दुर्गम क्षेत्रों तक सुरक्षा बलों की पहुंच और माओवादियों के खिलाफ घेराबंदी वर्ष 2020 से शुरू हो गई थी। तब कोई गृहमंत्री बयान नहीं दे रहे थे। अब जब इसका अंजाम सामने आ रहा है, तो पूरा श्रेय लिया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “फसल तो हमने बोई थी, लेकिन बोने वाले का नाम नहीं लिया जा रहा। अब फसल काटने वाले अपना नाम ले रहे हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है। हमारी सरकार माओवाद के खतरे को खत्म करने और लोगों के लिए शांति व प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा, “जारी है विजय का शंखनाद, खत्म हो रहा नक्सलवाद… मोदी जी और शाह जी के नेतृत्व में सुरक्षाबल निरंतर लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। वीर जवानों की यह सफलता अत्यंत सराहनीय है।”
गृहमंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन को “नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक उपलब्धि” बताते हुए कहा, “नारायणपुर में 27 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिनमें संगठन का महासचिव बसवराजू भी शामिल है। यह तीन दशकों में पहली बार है कि इतना बड़ा नक्सली नेता मारा गया है।”
उन्होंने ऑपरेशन “ब्लैक फॉरेस्ट” की जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के बाद छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में कुल 54 नक्सली गिरफ्तार और 84 ने आत्मसमर्पण किया है।