मुख्यमंत्री ने कोंडागांव, बस्तर एवं सुकमा जिलों की समीक्षा की

रायपुर, 30 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार द्वारा बीते डेढ़ वर्ष में किए गए कार्यों की जमीन हकीकत का मूल्यांकन और जनता जनार्दन से संवादकर फीडबैक प्राप्त करना है। राज्य शासन का लक्ष्य जनसेवा है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह बातें कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में वनोपज आधारित रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि इमली एवं रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति बनाकर वैल्यू एडिशन करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने रेशम, मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के मद्देनजर अधिकारियों को रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने एवं गैस सब्सिडी के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों, विशेषकर सीमांकन से संबंधित मामलों को 15 जून के पूर्व निराकृत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में मक्का प्रमुख फसल है, इसे उन्न्त तकनीक से जोड़कर उत्पादकता में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें तथा सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए भी विशेष प्रयास करें।

प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने त्रुटि सुधार कार्यों, विशेषकर नाम वर्तनी संबंधी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कोंडागांव जिले में अप्रारंभ आवासों की संख्या अधिक होने पर इसका त्वरित निराकरण तथा राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों को भी अपनाने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, रिटेंडर प्रक्रिया, मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई.जी. श्री सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *