नई दिल्ली/रायपुर।राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब इसे राष्ट्रीय अभियान बनाने की तैयारी में है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 11 अगस्त को कांग्रेस के सभी राज्यों के प्रभारियों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ संदेश को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस अभियान में एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवा दल जैसे संगठन भी हिस्सा लेंगे।
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पार्टी अब केवल चुनावी मैदान में नहीं, बल्कि ‘कथा और धारणा’ की लड़ाई में भी भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी का मानना है कि भाजपा पिछले एक दशक से कांग्रेस के खिलाफ एक मजबूत नैरेटिव बनाकर चुनावी लाभ उठा रही है। इसी को काटने के लिए ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों को धार दी जा रही है।
राहुल गांधी के आरोप और कांग्रेस का डिजिटल अभियान
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में चुनावों में धांधली के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर एक वेब पेज भी लॉन्च किया है, जहां नागरिक वोट चोरी के खिलाफ सबूत साझा कर सकते हैं, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर सकते हैं और कांग्रेस के डिजिटल मतदाता सूची की मांग का समर्थन कर सकते हैं।
इस क्रम में अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी 2023 विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि जिस तरह से चुनाव परिणाम सामने आए, वह चौंकाने वाला था। उन्होंने मांग की है कि वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
“रक्षाबंधन” पर कांग्रेस-BJP के बीच सोशल मीडिया वार
रक्षाबंधन के मौके पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने ‘चोरी का बंधन’ बताते हुए BJP और चुनाव आयोग के गठजोड़ पर तंज कसते हुए एक पोस्ट शेयर की। इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने तीखा पलटवार किया।
पंकज झा ने अपनी X पोस्ट में लिखा:
“अब कोई मामूली विषय या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गयी है कांग्रेस। इसके सोश्यल मीडिया हैंडलर्स अब किसी भी आतंकी हैंडलर्स से अधिक खतरनाक होते जा रहे हैं।
किसी न किसी बहाने भारतीय त्यौहारों का उपहास करना, सनातन को नीचा दिखाना, कभी कैंसर तो एड्स आदि कहना इनकी सोची-समझी साजिश है।
अब एनआईए या अन्य सक्षम एजेंसियों को पड़ताल करना होगा कि आखिर कौन लोग हैं जो आज कांग्रेस का सोश्यल मीडिया चला रहे हैं।
केवल राजनीतिक आकांक्षा से तो ऐसे पोस्ट लगातार नहीं किए जा सकते। कुछ अलग खिचड़ी पक रही है।
देश को हर तरह से अस्थिर करने, बहुसंख्यक जनता को उकसा कर कुछ ‘बड़ा’ करने का षड्यंत्र है शायद।
ये चाह रहे हैं कि अत्यधिक सहिष्णु हिंदू अपनी सहिष्णुता छोड़ दें।
बहुत ही शातिर और खतरनाक लोग हैं ये, किसी भी आतंकी संगठन से अधिक खतरनाक। कोई राजनीतिक दल तो ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकता।
ध्यान देना होगा अब।”
बहरहाल पंकज झा की यह टिप्पणी अब कांग्रेस बनाम भाजपा की सियासी लड़ाई को एक नए स्तर पर ले गई है, जिसमें सोशल मीडिया को नया अखाड़ा बनाया गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गर्मा सकता है, खासकर जब कांग्रेस इसे राष्ट्रीय अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है।