जगदलपुर, 9 फरवरी 2026।
बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय कला और लोक परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का भव्य समापन जगदलपुर के लालबाग मैदान में हुआ। समापन समारोह में स्कूली बच्चों और जनजातीय कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्कूली बच्चों की सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति से अत्यंत प्रभावित नजर आए। जगदलपुर के हजारों स्कूली बच्चों ने “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर भावपूर्ण और अनुशासित प्रस्तुति दी, जिसे देखकर श्री शाह ने ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। बच्चों की एकजुटता और कला कौशल ने समारोह में उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

समारोह में बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत मलखंभ प्रदर्शन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे दर्शकों और अतिथियों ने भरपूर सराहना दी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बच्चों की कला, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भी कलाकारों और बच्चों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

इसी दौरान आयोजित संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में सुकमा जिले के जनजातीय नाट्य दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजेता कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित ग्राम पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में बाजी मारी। मुड़िया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिलाएं) ने ताड़ के पत्ते, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के माध्यम से जनजातीय जीवन और संस्कृति का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया।

कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से कुल 12 विधाओं के 69 कलाकारों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम एवं उनकी टीम की इस सफलता में नोडल अधिकारी श्री मनीराम मरकाम और श्री पी. श्रीनिवास राव का विशेष योगदान रहा।

उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम का आयोजन बस्तर की पारंपरिक नृत्य, गीत, नाट्य, शिल्प और आंचलिक भाषाओं को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच मिला है और बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिली है।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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