नई आबकारी नीति में हटाया गया था प्रतिबंध, विरोध के बाद सरकार ने बदला निर्णय; शांति और कानून-व्यवस्था को बताया प्राथमिकता
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने होली के अवसर पर बड़ा निर्णय लेते हुए 4 मार्च 2026 को पूरे प्रदेश में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर होली को फिर से ड्राई डे घोषित किया गया है। आबकारी विभाग जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा।
दरअसल, नई आबकारी नीति 2026-27 में ड्राई डे की संख्या सात से घटाकर चार करने का प्रस्ताव था और इसमें होली को सूची से हटाया गया था। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध सामने आया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समूहों ने त्योहार के दिन शराब बिक्री का विरोध किया था।
मुख्यमंत्री बोले- कानून-व्यवस्था सर्वोपरि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि त्योहारों पर शांति, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना आवश्यक है, इसलिए होली पर ड्राई डे का पूर्व नियम ही लागू रहेगा।
आबकारी मंत्री ने भी कहा कि त्योहारों के दौरान शराब बिक्री बंद रखने से किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आशंका कम होती है और सामाजिक माहौल बेहतर रहता है।
4 मार्च को नहीं बिकेगी शराब
राज्य में होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन प्रदेशभर की सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें बंद रहेंगी। आबकारी विभाग और जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ने भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।
सामाजिक संगठनों ने किया स्वागत
सरकार के इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है। कई परिवारों ने भी इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित होगा। हालांकि कुछ राजनीतिक हलकों में इसे जनदबाव का परिणाम बताया जा रहा है।
त्योहार की पवित्रता पर जोर
राज्य में पहले भी होली पर ड्राई डे की परंपरा रही है। प्रतिबंध बहाल होने से त्योहार को रंग, गुलाल और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाने का संदेश दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह निर्णय सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा और नशे से जुड़ी घटनाओं में कमी लाएगा।
कुल मिलाकर, होली पर शराब बिक्री बंद रखने का यह फैसला कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति को प्राथमिकता देने वाला कदम माना जा रहा है।