रायपुर, 19 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने गुरुवार को शहरी विकास और आवास क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 राज्य में सुनियोजित शहरीकरण, अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण और आवासीय अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में बताया कि राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन लाया गया है। अब तक नगर विकास योजनाओं का दायित्व सीमित प्राधिकरणों—जैसे रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण—पर केंद्रित था, जिससे योजनाओं की संख्या कम रही और कई क्षेत्रों में अव्यवस्थित विकास व अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी।
संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव कर अधिकृत एजेंसियों का दायरा बढ़ाया गया है। अब नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ राज्य शासन के अभिकरण और सरकारी कंपनियां भी नगर विकास योजनाएं तैयार और क्रियान्वित कर सकेंगी। इससे योजनाओं की संख्या बढ़ेगी और औद्योगिक व आवासीय विकास को गति मिलेगी।
गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026
विधानसभा ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 को भी पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य गृह निर्माण मंडल को एक आधुनिक, बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करना है।
मंत्री ने बताया कि मंडल ने पिछले दो वर्षों में लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 परियोजनाएं शुरू की हैं और राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर इसे ऋणमुक्त किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के तहत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों को स्वीकृति मिली है।
संशोधन के बाद मंडल को टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, रिडेवलपमेंट, स्लम पुनर्विकास और मिश्रित भूमि उपयोग जैसी आधुनिक अवधारणाओं पर काम करने की अनुमति मिलेगी। साथ ही रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को जोड़कर एक शहरी कॉरिडोर विकसित करने की योजना में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
विकास को मिलेगा व्यापक आयाम
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दोनों संशोधन विधेयक राज्य में सुनियोजित, टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देंगे। इससे अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगेगा, उद्योग और आवास के लिए व्यवस्थित भूखंड उपलब्ध होंगे और आम नागरिकों को बेहतर आवास एवं आधुनिक अधोसंरचना सुविधाएं मिल सकेंगी।
