तेहरान, एजेंसी। International Atomic Energy Agency (IAEA) ने कहा है कि ईरान के कुछ परमाणु और औद्योगिक ठिकानों पर हाल में हुए हमलों के बावजूद किसी प्रकार का विकिरण रिसाव नहीं हुआ है।
एजेंसी के अनुसार, ईरान ने उसे सूचित किया कि खोंडाब भारी पानी अनुसंधान रिएक्टर और उससे जुड़े उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाया गया। IAEA ने स्पष्ट किया कि इस स्थल पर कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी, इसलिए रेडिएशन का जोखिम उत्पन्न नहीं हुआ।
IAEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी भी प्रकार के विकिरण खतरे के संकेत नहीं मिले हैं।
इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने बताया कि खुज़िस्तान स्थित एक स्टील उत्पादन इकाई को भी निशाना बनाया गया। इस संयंत्र में औद्योगिक उपयोग के लिए सीजियम-137 और कोबाल्ट-60 जैसे रेडियोधर्मी स्रोतों का इस्तेमाल होता है। अधिकारियों के मुताबिक, संयंत्र सामान्य रूप से संचालित हो रहा है और किसी बाहरी विकिरण रिसाव की सूचना नहीं है।
इससे पहले, Bushehr Nuclear Power Plant के आसपास सैन्य गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई गई थी। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी ऐसी घटना बताई जा रही है।
IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने कहा कि यदि किसी सक्रिय परमाणु रिएक्टर को नुकसान पहुंचता है तो गंभीर रेडियोलॉजिकल संकट पैदा हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बुशहर संयंत्र सुरक्षित है और वहां कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है।
IAEA ने सभी पक्षों से संयम बरतने और परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। एजेंसी ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय में काम कर रही है।
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