नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है और अब यह इलाका तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर भी तीखा निशाना साधा।

“बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है”

लोकसभा में अपने संबोधन में गृहमंत्री ने कहा,
“आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। बस्तर के हर गांव में एक स्कूल स्थापित करने का अभियान चलाया गया। क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोली गई। हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं।”

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आधार कार्ड, राशन कार्ड और प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज जैसी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

“रेड टेरर की छाया हट चुकी है”

गृहमंत्री ने कहा,
“पहले बस्तर के लोग ‘रेड टेरर’ की छाया में जी रहे थे, जिसकी वजह से विकास रुक गया था। अब वह छाया हट चुकी है और क्षेत्र विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

“संविधान का रास्ता खुला है, हथियार नहीं”

उन्होंने सशस्त्र आंदोलन का समर्थन करने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा,
“अगर अन्याय होता है तो अदालतें, विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें बनी हुई हैं। क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? किसी भी समस्या का समाधान हथियार से नहीं, बल्कि संविधान और बहस से निकलेगा।”

“60 साल सत्ता में रहकर भी कांग्रेस ने क्या किया?”

Amit Shah ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा,
“आजादी के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता आपके पास रही। फिर आदिवासी समुदाय विकास से वंचित क्यों रहा? आपने न घर दिए, न साफ पानी, न स्कूल, न मोबाइल टावर और न ही बैंकिंग सुविधाएं दीं।”

“हथियार उठाने वालों को जवाब देना होगा”

गृहमंत्री ने स्पष्ट किया,
“जो भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह बनाया जाएगा। सरकार हर नागरिक की समस्या सुनने और उसका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, गृहमंत्री Amit Shah का यह बयान नक्सलवाद, आदिवासी विकास और राजनीति के मुद्दे पर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश में हिंसा नहीं, बल्कि विकास और संविधान के रास्ते पर ही समाधान निकलेगा।

📝 मुख्य बिंदु

  • अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि भारत लगभग नक्सल-मुक्त हो चुका है, औपचारिक घोषणा जल्द होगी।
  • सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक नक्सल-मुक्त भारत बनाना था।
  • शाह ने दावा किया कि बस्तर सहित कई इलाकों में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो गया है।
  • राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे कई बार नक्सल समर्थकों के साथ देखे गए
  • भारत जोड़ो यात्रा में नक्सल फ्रंट संगठनों की भागीदारी का दावा किया।
  • 2010, 2018 और 2025 की कुछ मुलाकातों का भी उल्लेख किया।
  • शाह के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास पहुंचा:
    • गांवों में स्कूल
    • राशन की दुकानें
    • बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
  • नरेंद्र मोदी सरकार के तहत गरीबों को घर, गैस, पानी, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी योजनाएं मिलीं।
  • कांग्रेस पर निशाना:
    • 60 साल शासन के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में विकास नहीं हुआ
  • शाह ने कहा कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद फैला
  • नक्सलियों पर आरोप कि वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते
  • भगत सिंह और बिरसा मुंडा से नक्सलियों की तुलना को गलत बताया।
  • चेतावनी: जो भी हथियार उठाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
  • सरकार ने कहा कि वह समस्याएं सुनने और समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हिंसा स्वीकार नहीं है

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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