रायपुर। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकार ने प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और विकास कार्यों को गति देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। बैठक में कबाड़ सामग्री निस्तारण व्यवस्था को आगे बढ़ाने, कर्मचारी चयन मंडल में प्रशासनिक बदलाव और सड़क निर्माण एजेंसियों को राहत देने जैसे निर्णयों पर मुहर लगी।
कबाड़ सामग्री की ऑनलाइन नीलामी व्यवस्था जारी रहेगी
राज्य सरकार ने विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में पड़ी अनुपयोगी एवं कबाड़ सामग्री के निस्तारण के लिए मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ किया गया विक्रय एजेंसी अनुबंध तीन साल के लिए बढ़ा दिया है।
सरकार के मुताबिक यह व्यवस्था नवंबर दो हजार उन्नीस से लागू है और इसके जरिए ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया से कबाड़ सामग्री का पारदर्शी तरीके से विक्रय किया जाता है। इससे राज्य को बेहतर राजस्व मिलने के साथ कार्यालयों में अनुपयोगी सामग्री का बोझ भी कम हुआ है। सरकार का मानना है कि इससे अलग-अलग निविदा प्रक्रिया की जरूरत समाप्त होगी और प्रशासनिक समय की बचत होगी।
कर्मचारी चयन मंडल अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन किया जाएगा।
सरकार ने बताया कि कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम लागू होने के बाद पुराने व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नए चयन मंडल में विलय किया जा चुका है। साथ ही उसकी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में समाहित कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक केंद्रीकृत और पारदर्शी बनेगी।
डामर महंगा होने पर ठेकेदारों को राहत
बैठक में सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए डामर की कीमतों में हुई असाधारण बढ़ोतरी पर आंशिक मूल्य राहत देने का फैसला लिया गया। यह राहत एक अप्रैल दो हजार छब्बीस से तीस जून दो हजार छब्बीस तक लागू रहेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल डामर की कीमतों में हुई असामान्य वृद्धि के असर को कम करने के लिए तय फार्मूले के तहत दी जाएगी। अन्य निर्माण सामग्रियों पर लागू पुराने नियम यथावत रहेंगे।
सड़क परियोजनाओं की रफ्तार बनाए रखने पर जोर
सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सड़क निर्माण और डामरीकरण कार्यों पर पड़ रहा था। इससे परियोजनाओं की गति प्रभावित होने की आशंका थी। इसी स्थिति को देखते हुए यह राहत देने का फैसला लिया गया।
सरकार का फोकस पारदर्शिता और विकास
कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने के साथ विकास कार्यों को बिना रुकावट जारी रखना चाहती है। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से वित्तीय दक्षता बढ़ेगी और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
