रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में देर रात हाईलेवल सत्ता-संगठन समन्वय बैठक संपन्न हुई। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में सरकार और संगठन के बीच तालमेल, मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और आगामी रणनीति समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को लेकर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का बयान भी सामने आया।
बैठक में प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और संगठन मंत्री पवन साय शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा, सुशासन तिहार से मिले फीडबैक, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा आने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ संवाद को और मजबूत बनाने पर भी मंथन हुआ।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने मीडिया से बातचीत में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को लेकर कहा, “जैसी अटकलें लगाई जा रही हैं, वैसा कुछ भी नहीं है।” उनके इस बयान के बाद दिनभर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगता नजर आया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि बैठक में भाजपा और सरकार के विभिन्न अभियानों की समीक्षा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई और जिम्मेदारियां तय की गईं।
वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बैठक में संगठनात्मक विषयों, प्रभार वाले जिलों, प्रशासनिक समन्वय और सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में बदलाव का फैसला मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है।
हालांकि बैठक खत्म होने के बाद सरकार की ओर से किसी बड़े फैसले की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन करीब पांच घंटे तक चली इस हाईलेवल बैठक ने प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर और तेज कर दिया है।
