मुंबई — हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे अभिनेता ने मुंबई के जुहू स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके जाने की खबर फैलते ही फिल्म जगत से लेकर पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।


विले पार्ले में हुआ अंतिम संस्कार

विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट में धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। देओल परिवार के सभी सदस्य—हेमा मालिनी, सनी देओल, बॉबी देओल और ईशा देओल—अंतिम संस्कार में मौजूद रहे।
अमिताभ बच्चन भी अपने पुराने मित्र और सह-कलाकार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
धर्मेंद्र को मुखाग्नि उनके बड़े बेटे सनी देओल ने दी।

अभिनेता 8 दिसंबर को अपना 90वाँ जन्मदिन मनाने वाले थे, लेकिन उससे ठीक 14 दिन पहले उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।


लंबे समय से बीमारी से लड़ रहे थे

पिछले कई हफ्तों से धर्मेंद्र को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। 10 नवंबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और हालत बिगड़ने पर ICU में रखा गया। इससे पहले 31 अक्टूबर को भी वे ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए थे।
परिवार की इच्छा पर 12 नवंबर को उन्हें घर ले जाकर वहीं उपचार जारी रखा गया, लेकिन अंततः वे स्वास्थ्य लाभ नहीं कर पाए।


राष्ट्रीय नेतृत्व ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रद्धांजलि संदेश

“धर्मेंद्र जी का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है… उनकी सरलता और विनम्रता प्रेरणादायक थी। मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा

“धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है… उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएँ।”


छह दशकों का सुनहरा फिल्मी सफर

1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र ने ‘फूल और पत्थर’, ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘मेरा गाँव मेरा देश’, ‘सीता और गीता’, ‘यादों की बारात’ जैसी फिल्मों में अमर भूमिका निभाई।
1987 में एक ही वर्ष में सात लगातार हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।

बाद के वर्षों में भी ‘लाइफ इन ए… मेट्रो’, ‘अपने’, ‘यमला पगला दीवाना’ और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में वे दर्शकों का दिल जीतते रहे।


धर्मेंद्र—हमेशा याद किए जाएंगे

धर्मेंद्र का अभिनय, उनका व्यक्तित्व और उनकी सरलता—इन सबने उन्हें करोड़ों दिलों का सितारा बनाया।
वह भले अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में और उनकी मुस्कान भारतीय सिनेमा में सदा अमर रहेंगी।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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