अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पूरे देश में शोक और चिंता का माहौल है। हादसे में अब तक 270 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री, 10 क्रू मेंबर और 2 पायलट शामिल थे। हादसे में सिर्फ एक यात्री जीवित बचा है, जो भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है और अस्पताल में उपचाराधीन है।
यह हादसा शुक्रवार सुबह उस वक्त हुआ जब विमान ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन की इमारत से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। यह ब्लैक बॉक्स विमान की पूंछ के पास से मिला है और इससे हादसे के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। मंत्री ने बताया कि जांच के लिए आठ एजेंसियों को लगाया गया है और गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
इस हादसे के बाद केंद्र सरकार ने एअर इंडिया के सभी बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों की विशेष तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। यह जांच रविवार से शुरू होगी, जिसमें ईंधन प्रणाली, इंजन और हाइड्रोलिक सिस्टम की विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इन जांचों की निगरानी करेगा।
अहमदाबाद में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। बीजे मेडिकल कॉलेज के अनुसार अब तक 270 शव अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाए जा चुके हैं। डॉक्टरों ने बताया कि हादसे में जमीन पर घायल हुए कुछ लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है। शवों की पहचान के लिए 252 परिजनों के डीएनए सैंपल लिए जा चुके हैं। केवल 13 शवों की शिनाख्त बाकी है, जिनमें 9 अंतरराष्ट्रीय और 4 भारतीय नागरिकों के शव शामिल हैं।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने एयर इंडिया को मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र और गुजरात सरकार मिलकर इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही हैं।
