नई दिल्ली/रायपुर, 7 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण भी दिया।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की कलाकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि यह कलाकृति राज्य की जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रदेश की आस्था उनसे जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने और शांति स्थापित होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार का फोकस विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है।
‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के तहत सड़क, पुल और कनेक्टिविटी के विस्तार पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। 61 परियोजनाओं के लिए केंद्र से विशेष सहायता भी मांगी गई है।
ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी विस्तार की योजना है। 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार परियोजनाओं के जरिए 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में आय वृद्धि के लिए तीन वर्षीय योजना बनाई गई है। इसके तहत 2029 तक अधिकांश परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने का लक्ष्य है। लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जाएगी।
उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के विस्तार की जानकारी दी, जिसके तहत अब 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है। साथ ही ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के जरिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने की योजना है।
पर्यटन विकास के तहत चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान सहित अन्य स्थलों को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से स्थानीय स्तर पर भागीदारी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को प्रस्तावित बस्तर दौरे के दौरान कई परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का प्रस्ताव दिया। इनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज और एजुकेशन सिटी परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बस्तर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
