अब बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह क्षेत्र, जो पहले नक्सल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था, अब किसानों की खेती के लिए तैयार हो गया है। जहां पहले लाल आतंक का बोलबाला था, वहां अब खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास की उम्मीदें जगी हैं।

बस्तर, जो कभी 1980 के दशक से नक्सलियों का गढ़ था, अब नक्सलियों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। अबूझमाड़ और ओडिशा सीमा से लगे इस इलाके में पहले सुरक्षा बलों की पहुंच कठिन मानी जाती थी। लेकिन अब यहां सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित हो चुके हैं।

केंद्र सरकार ने बस्तर को वामपंथी उग्रवाद (LWE) जिलों की सूची से बाहर कर दिया है और विशेष सहायता को भी समाप्त कर दिया गया है। जहां पहले नक्सली आदिवासियों से गांजा उगवाते थे, वहां अब किसान सब्जियां और अन्य फसलें उगाएंगे। इससे बस्तर का सामाजिक और आर्थिक जीवन तेजी से बदलने की संभावना है।


By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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