राज्यवार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज
महाराष्ट्र में फडणवीस ने बढ़ाया कदम, अब छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में हलचल
विशेष संवाददाता, रायपुर/भोपाल/जयपुर | 20 मई 2025
महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा मंगलवार को मंत्रिमंडल विस्तार किए जाने के बाद अब भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार तथा संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर तेजी से चर्चा हो रही है। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों राज्यों में आने वाले कुछ हफ्तों में अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
छत्तीसगढ़: दो रिक्त पद, रायपुर से मूणत की दावेदारी प्रबल
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में वर्तमान में 12 मंत्री हैं, जबकि राज्य में अधिकतम 13 मंत्रियों की अनुमति है। वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद एक और पद रिक्त हो गया है। अब दो मंत्री पदों पर नियुक्ति होनी है, जिसके लिए रायपुर से पूर्व मंत्री राजेश मूणत की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
मूणत रायपुर पश्चिम से कई बार विधायक रह चुके हैं और पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार में नगरीय प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और राजधानी में अनुभव को देखते हुए उन्हें मंत्रिपद मिलना तय माना जा रहा है।
इसके अतिरिक्त अमर अग्रवाल (बिलासपुर), विधायक गजेंद्र यादव, धर्मजीत सिंह और अजय चंद्राकर जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को साधते हुए बस्तर क्षेत्र से भी किसी चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है।
मध्यप्रदेश: डेढ़ साल बाद भी विस्तार लंबित
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार को डेढ़ वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार अब तक नहीं हो पाया है। सूत्रों की मानें तो अब पार्टी इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है। कुछ पूर्व मंत्रियों की पुनः वापसी की संभावना जताई जा रही है, वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को हटाया जा सकता है। संगठनात्मक संतुलन के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
राजस्थान: 15 दिनों में तय होंगे नाम
राजस्थान में भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश कार्यकारिणी गठन को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगले 15 दिनों के भीतर मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। संभावना है कि विधानसभा के आगामी सत्र से पहले नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। ऐसा ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के संबंध में भी संभावित है।