रायपुर,
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रायपुर में भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक वीरेंद्र कुमार पटेल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। इसके बाद पटेल के विधानसभा क्षेत्र के पास जीरो पाइंट स्थित कार्यालय और उनके आवास सहित तीन स्थानों पर छापामारी की गई।
12 साल में 3.32 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
CBI की जांच में पता चला है कि पटेल ने 1 जनवरी 2013 से 31 मार्च 2025 के बीच पत्नी और पुत्र के नाम पर कुल 3 करोड़ 32 लाख 93 हजार रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां खरीदी हैं। यह संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय से काफी अधिक है।
छापेमारी के दौरान 10 कृषि भूखंड, एक आवासीय भूखंड सहित अन्य अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है।
CBI के अनुसार पटेल ने भ्रष्टाचार और आपराधिक कदाचार के जरिए अवैध तरीके से आर्थिक समृद्धि हासिल की है।
2024 में भी हुई थी छापामारी
9 सितंबर 2024 को भी CBI ने पटेल के ठिकानों पर छापा मारा था। पटेल ने 13 जुलाई 2006 को एसओ के पद पर ग्रेड वेतन 4,800 रुपये के साथ नौकरी शुरू की थी और उसके बाद लगातार संपत्तियों की खरीददारी की। जांच में अब तक लगभग 5 करोड़ 37 लाख रुपये की संपत्तियों के खरीदने के सबूत मिले हैं।
मामला सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है
यह मामला सरकारी नौकरी में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को सामने लाता है। CBI इस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
