छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में शराब कारोबारी विजय भाटिया को न्यायिक रिमांड पर रखा गया है। उन्हें रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां EOW ने उनकी 7 दिन की रिमांड की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
ACB-EOW ने विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार किया और उन्हें रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जहां उन्हें 1 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। चूंकि ACB जज छुट्टी पर थे, भाटिया को पल्लवी तिवारी की कोर्ट में पेश किया गया।
रविवार को EOW की टीम ने दुर्ग-भिलाई में भाटिया के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। भाटिया 2 साल पहले ED की छापेमारी के बाद से फरार थे और अब EOW की गिरफ्त में आए हैं।
छापेमारी के दौरान EOW ने 39 स्थानों पर कार्रवाई की, जिसमें 90 लाख रुपए की राशि, सोना-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। ACB और EOW की टीमें सुबह 4 बजे भिलाई पहुंची और विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है, जिसमें 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप है। जांच में पाया गया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसरों और कारोबारियों के एक सिंडिकेट ने घोटाले को अंजाम दिया। ACB ने 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब बेचने का मामला दर्ज किया है, जिससे सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हुआ है।
