डिप्टी सीएम अरुण साव को 9 विधानसभा सीटों की मिली है अहम जिम्मेदारी
रायपुर। देश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव असम दौरे के लिए रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि पार्टी संगठन ने उन्हें असम विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। डिप्टी सीएम अरुण साव को असम की 9 विधानसभा सीटों का प्रभार दिया गया है। अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए वे देर शाम असम के लिए रवाना हुए, जहां वे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।
पदाधिकारियों के साथ करेंगे रणनीतिक बैठक
उप मुख्यमंत्री अरुण साव अपने एक दिवसीय असम प्रवास के दौरान अपने प्रभार वाले 9 विधानसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों और संगठन के जिम्मेदार नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
इस बैठक में चुनावी रणनीति, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने और आगामी मतदान को लेकर तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में चुनाव प्रबंधन और प्रचार अभियान की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान
चुनाव आयोग ने वर्ष 2026 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन चुनावों में देश के अलग-अलग हिस्सों के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
इन राज्यों में चुनाव होने हैं:
- असम
- पश्चिम बंगाल
- तमिलनाडु
- केरल
- पुडुचेरी
इन राज्यों में कुल मिलाकर सैकड़ों विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें असम की 126 सीटें, केरल की 140 सीटें, तमिलनाडु की 234 सीटें, पश्चिम बंगाल की 294 सीटें और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल हैं।
असम में कब होगा मतदान
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
इसके साथ ही केरल और पुडुचेरी में भी एक चरण में मतदान कराया जाएगा, जबकि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजनीतिक दलों ने तेज की चुनावी तैयारी
पांच राज्यों में चुनावी बिगुल बजते ही सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इनके नतीजे आने वाले वर्षों की राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय कर सकते हैं।
इसी कड़ी में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव को असम की 9 विधानसभा सीटों का प्रभार दिया जाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
स्थानीय संगठन को मजबूत करने पर रहेगा फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक चुनावी राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने, बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अरुण साव का असम दौरा भी इसी रणनीति के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि उनकी बैठक के बाद चुनाव प्रचार अभियान को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे पार्टी को चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।
