छत्तीसगढ़ का बाल विवाह मुक्त मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण, बालोद देश का पहला Child Marriage Free District घोषित
छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए Child Marriage Free India अभियान के अंतर्गत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बालोद जिला पूरे देश का पहला ऐसा जिला बन गया है जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है। इस सफलता ने छत्तीसगढ़ को Child Marriage Eradication in India के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर दिया है।
बालोद जिला: First Child Marriage Free District in India
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतें और 09 नगरीय निकाय अब प्रमाणित रूप से बाल विवाह मुक्त हो चुकी हैं। बीते दो वर्षों में यहां से बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। बालोद जिला अब Balod Child Marriage Free District के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बन गया है जिसे देश के अन्य राज्यों में दोहराया जा सकता है। यह उपलब्धि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आम जनता की सामूहिक भागीदारी से संभव हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प: 2028-29 तक पूरा राज्य बाल विवाह मुक्त
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार ने Child Marriage Eradication को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनका संकल्प है कि वर्ष 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं है बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का मिशन है जिसे समाज और शासन दोनों को मिलकर पूरा करना है। Vishnu Deo Sai Chhattisgarh सरकार के तहत इस दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है।
सूरजपुर की 75 पंचायतें भी घोषित हुईं बाल विवाह मुक्त
बाल विवाह के विरुद्ध यह आंदोलन केवल बालोद तक सीमित नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को भी बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है। यह पंचायतें भी बीते दो वर्षों से Zero Child Marriage Status बनाए हुए हैं। यह उपलब्धि राज्य के लिए एक और प्रेरणादायक उदाहरण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान को मिली गति
Child Marriage Free India अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय स्तर पर आरंभ किया था। छत्तीसगढ़ ने इस अभियान को ज़मीन पर उतार कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो सामाजिक कुप्रथाओं को जड़ से खत्म किया जा सकता है। Narendra Modi Child Marriage Campaign को छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से एक नई दिशा और गति मिली है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान
छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करें तो Child Marriage जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सूरजपुर की 75 पंचायतों की सफलता इस दिशा में अगला मजबूत कदम है।
UNICEF की तकनीकी और सामाजिक भागीदारी
इस अभियान में UNICEF ने छत्तीसगढ़ सरकार को तकनीकी सहयोग प्रदान किया है। संगठन ने जागरूकता कार्यक्रम, निगरानी तंत्र और पंचायत स्तर पर शिक्षा व संवाद के माध्यम से इस प्रयास को मजबूती दी है। UNICEF Child Marriage Campaign Support को राज्य सरकार ने खुले दिल से सराहा है।
छत्तीसगढ़ बना National Model for Child Marriage Eradication
बाल विवाह के उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Balod Model और Vishnu Deo Sai Government Approach को अपनाया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए तैयार है। वर्ष 2028-29 तक Chhattisgarh Child Marriage Free State बनने की दिशा में यह ठोस कदम है जो पूरे देश को Child Marriage Free India के लक्ष्य के और करीब लाएगा।