राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज, 25 मई 2025 को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इस निर्णय के साथ ही उन्हें परिवार से भी बाहर कर दिया गया है। लालू यादव ने इस कदम को तेज प्रताप के ‘नैतिक मूल्यों की अवहेलना’ और ‘अविवेकपूर्ण आचरण’ के कारण उठाया है, जिससे पार्टी और परिवार की छवि प्रभावित हुई है ।
यह कार्रवाई एक वायरल फेसबुक पोस्ट के बाद की गई, जिसमें तेज प्रताप ने एक महिला के साथ अपने ’12 वर्षों के रिश्ते’ का उल्लेख किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने दावा किया कि उनका खाता हैक हो गया था। लालू यादव ने इस पोस्ट को पार्टी और परिवार की प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक बताया और कहा कि ऐसे आचरण से संघर्ष कमजोर होता है ।
तेज प्रताप यादव का राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन विवादों से भरा रहा है। उन्होंने पहले भी पार्टी नेतृत्व से असहमतियां जताई हैं, जैसे कि 2019 में लोकसभा चुनावों के दौरान अपने समर्थकों के लिए टिकट की मांग को लेकर। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में पार्टी कार्यकर्ता को मंच पर धक्का देने की घटना को लेकर भी आलोचना का सामना किया था ।
तेज प्रताप यादव ने इस निष्कासन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह कदम पार्टी और परिवार में बढ़ते तनाव और सत्ता संघर्ष को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम RJD में नेतृत्व की भविष्यवाणी और परिवार के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर चल रही आंतरिक राजनीति को उजागर करता है ।
यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की छवि और नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ेंविजय शाह BJP की मजबूरी? मध्यप्रदेश की राजनीति में आदिवासी नेतृत्व का संकट गहराया