सेवानिवृत्ति निधि निकाय, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2024 में, ईपीएफओ ने 2022-23 के लिए 8.15 प्रतिशत ब्याज दर को मामूली रूप से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था।
ईपीएफओ ने मार्च 2022 में अपने सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को 8.1 प्रतिशत पर निर्धारित किया था, जो पिछले चार दशकों में सबसे कम था। इससे पहले, 2020-21 में यह ब्याज दर 8.5 प्रतिशत थी। 2020-21 के लिए ब्याज दर 8.10 प्रतिशत थी, जो 1977-78 के बाद से सबसे कम थी।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘ईपीएफओ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने शुक्रवार को अपनी बैठक में 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला लिया है।’’
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर का फैसला सीबीटी ने मार्च 2021 में किया था। अब, 2024-25 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को वित्त मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी के बाद, यह ब्याज दर ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में जमा की जाएगी। ईपीएफओ केवल वित्त मंत्रालय के माध्यम से सरकार द्वारा अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है।