मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका, कीर्तन समागम में लिया भाग
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_ नानकसागर विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति
_ छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि, सेवा और सद्भाव का संदेश देती है यह धरती
_ सिख समाज ने मुख्यमंत्री का सरोफा भेंट कर किया सम्मान
_ कार्यक्रम में मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
रायपुर, 15 मार्च 2026 – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका और विशेष कीर्तन समागम में भाग लिया।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम में स्वागत और हिस्सा
सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के साथ अरदास में हिस्सा लिया।
गढ़फुलझर नानकसागर – आस्था और पर्यटन का केंद्र
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रहा है और यहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है।
उन्होंने घोषणा की कि गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सरकार की प्रतिबद्धता और विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए और नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यजन
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
