अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में सहायक संचालक की जिम्मेदारी
फेसबुक पोस्ट के जरिए दी जानकारी, कहा – खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की कोशिश करूंगा
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर और छत्तीसगढ़ के गौरव रुस्तम सारंग को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में सहायक संचालक के पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। इसकी जानकारी उन्होंने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा की।
रुस्तम सारंग ने उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव के साथ फोटो पोस्ट करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उनकी खेल उपलब्धियों और अनुभव को सम्मान देते हुए उन्हें खेल एवं युवा कल्याण विभाग में सहायक संचालक के पद पर प्रतिनियुक्ति प्रदान की गई है।
उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि बीते कुछ महीनों से अन्य दायित्वों के चलते वे खेल प्रशिक्षण और गतिविधियों से दूर थे, जिससे छोटे खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी। उन्हें विश्वास है कि इस नई जिम्मेदारी के साथ वे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दे सकेंगे। उन्होंने अपने कठिन समय में साथ देने वाले सभी शुभचिंतकों का भी आभार व्यक्त किया।
उपलब्धियों से भरा रहा शानदार करियर
रुस्तम सारंग का खेल करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और बाद में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का परचम लहराया। वर्ष 2005 में जूनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया तथा छत्तीसगढ़ राज्य के पहले अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी बने। उसी वर्ष 2006 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक और गुवाहाटी नेशनल गेम्स 2007 में रजत पदक हासिल किया।

वर्ष 2006 में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। वर्ष 2009 में मलेशिया में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 2011 दक्षिण अफ्रीका और 2012 समोआ में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतते हुए उन्होंने 2011 पेरिस वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप जो 2012 लंदन ओलंपिक क्वालिफायर एवं 2014 कजाखस्तान वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप जो 2016 रियो ओलंपिक क्वालिफायर थे मुकाबलों में भी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। वर्ष 2006 तथा 2007 के जूनियर नैशनल एवं वर्ष 2009,2010, 2011,2013,2014 में सीनियर नैशनल चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक एवं 2015 में केरल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने राष्ट्रीय सफर को और मजबूत किया।

वर्ष 2007 में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। वर्ष 2009 में मलेशिया में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 2011 और 2014 की वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतते हुए उन्होंने ओलंपिक क्वालिफायर मुकाबलों में भी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। वर्ष 2015 में केरल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने राष्ट्रीय सफर को और मजबूत किया।
छत्तीसगढ़ सरकार के तीनों बड़े खेल सम्मान
रुस्तम सारंग उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खेलों के लिए दिए जाने वाले तीनों सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार (2005-06), शहीद राजीव पाण्डेय खेल पुरस्कार (2006-07) और गुंडाधुर सम्मान (2008-09) से सम्मानित किया जा चुका है।

पुलिस सेवा के साथ प्रशिक्षण में भी दिया योगदान
रुस्तम सारंग छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर पदस्थ थे। इसके साथ ही वे एक राष्ट्रीय खेल संस्थान(NIS) भारतीय खेल प्राधिकरण(SAI) पटियाला,पंजाब से (डिप्लोमा ईन स्पोर्ट्स कोचिंग) प्राप्त कर प्रशिक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं देते रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में कई युवा खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।

हाल ही में की थी संन्यास की घोषणा
कुछ समय पहले ही छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग ने खेल जगत से संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने यह फैसला सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया था, जिसके बाद खेल जगत में इसकी चर्चा भी हुई थी।
अब खेल एवं युवा कल्याण विभाग में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अनुभव से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।