छत्तीसगढ़ में जल क्रांति की बड़ी पहल: जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ऐतिहासिक एमओयू
रायपुर, 20 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण जल आपूर्ति को सशक्त बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। विष्णु देव साय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुए एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की मौजूदगी में अधिकारियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री साय ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को हासिल करने में यह एमओयू मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करना और जनभागीदारी बढ़ाना है।
राज्य में अब तक 41.30 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों (लगभग 82.66%) को नल कनेक्शन मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
ग्राम स्तर पर बढ़ेगी भागीदारी, जल संरक्षण पर जोर
मिशन 2.0 के तहत ग्राम पंचायतों की भूमिका मजबूत की जाएगी। जल स्रोतों के संरक्षण, जल संवर्धन और योजनाओं के बेहतर संचालन व रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही तकनीक आधारित पारदर्शी जल वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष मांग
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति की मांग की। इससे 70 समूह जल योजनाओं के जरिए 3000 से अधिक गांवों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
केंद्रीय मंत्री का बयान
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि इस एमओयू के बाद पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित होगा। ग्राम पंचायतों को रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि जिला प्रशासन निगरानी और सहयोग करेगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह पहल न केवल “हर घर जल” के लक्ष्य को गति देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में एक नया मॉडल राज्य बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ाएगी।
