रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के घर पर सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की, जिससे राज्यभर में राजनीति में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि यह रेड 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। ईडी ने राज्यभर में 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें चैतन्य बघेल का घर भी शामिल था।
ईडी की टीम ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल डाटा की जांच की। इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों पर कार्रवाई हो सकती है।
2161 करोड़ का शराब घोटाला: लखमा की गिरफ्तारी और तफ्तीश
इस छापेमारी की जड़ें 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी हो चुकी है। लखमा पर आरोप है कि उन्होंने राज्य में नकली होलोग्राम लगवाकर शराब की बिक्री की थी, जिससे राज्य को भारी राजस्व का नुकसान हुआ।
लखमा पर यह आरोप भी है कि उन्होंने इस घोटाले में 72 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में लिए थे, जिन्हें उन्होंने अपने बेटे के लिए बंगला बनाने समेत अन्य खर्चों में उपयोग किया।
ईडी ने पहले लखमा से पूछताछ की थी, और फिर जनवरी में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद, जांच के दायरे में कई अन्य अधिकारियों और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
कांग्रेस का आरोप: भाजपा के इशारे पर कार्रवाई
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर ईडी ने यह छापेमारी की है। उन्होंने कहा, “भाजपा के दबाव में आकर ईडी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर छापेमारी की है।”
अब देखना होगा कि इस तफ्तीश का दायरा और गहराता है या फिर यह केवल राजनीतिक विरोध का एक हिस्सा बनकर रह जाएगा।