घरेलू एलपीजी उत्पादन में 31% की वृद्धि: सरकार ने कहा—घबराकर बुकिंग न करें, आपूर्ति पर्याप्त

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सरकार ने बताया कि तेल शोधन कारखानों में एलपीजी उत्पादन में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि की गई है ताकि देशभर में घरेलू उपभोक्ताओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

शनिवार को नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित चौथे अंतर-मंत्रालयीय संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम एशिया में हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के मद्देनज़र ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई।


सरकार की प्राथमिकता: घरों और अस्पतालों को पहले एलपीजी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों, और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों में एलपीजी की आपूर्ति को लगातार बनाए रखना है।

हालांकि वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी आपूर्ति को लेकर सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन देश में कहीं भी आपूर्ति बंद होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।


घबराहट में बुकिंग से बढ़ी मांग

सरकार के अनुसार लोगों द्वारा घबराकर सिलेंडर बुक कराने के कारण बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है।

  • सामान्य दैनिक बुकिंग: 55.7 लाख
  • हालिया बुकिंग: 88.8 लाख

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग से बचें और जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें।


29 राज्यों में व्यावसायिक एलपीजी उपलब्ध

मंत्रालय के अनुसार:

  • 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
  • सिलेंडर बुकिंग का 84% हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों से हो रहा है।

राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी वितरण सुनिश्चित करें।


राज्यों में समीक्षा बैठकें

एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की निगरानी के लिए कई राज्यों में उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं।

  • हरियाणा और गोवा के मुख्यमंत्रियों ने वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की।
  • तेलंगाना के मुख्य सचिव ने नागरिक आपूर्ति विभाग और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भंडारण और वितरण की समीक्षा की।
  • आंध्र प्रदेश में भी तेल कंपनियों और नागरिक आपूर्ति आयुक्त के बीच बैठक हुई।

इसके अलावा 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।


जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई

सरकार ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रमुख कार्रवाई

  • तेल कंपनियों ने लगभग 1300 एलपीजी वितरक इकाइयों का निरीक्षण किया।
  • उत्तर प्रदेश में 1483 स्थानों पर जांच।
  • 24 एफआईआर दर्ज, जिनमें 4 एलपीजी वितरक और 20 व्यक्ति शामिल।
  • 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश (तिरुपति), बिहार, ओडिशा और कर्नाटक में भी छापेमारी की गई है।


सरकार के अन्य बड़े कदम

एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने कई अतिरिक्त उपाय किए हैं:

  • शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 25 दिन
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन
  • राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित
  • एनसीआर के उद्योगों, होटलों और रेस्तरां को एक महीने के लिए प्राकृतिक गैस के स्थान पर बायोमास या आरडीएफ पेलेट्स उपयोग की अनुमति
  • जहां विकल्प उपलब्ध नहीं, वहां कोयला या केरोसिन का अस्थायी उपयोग

डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे डिजिटल माध्यमों से एलपीजी बुकिंग को बढ़ावा दें।

सिलेंडर बुकिंग के लिए उपलब्ध प्लेटफॉर्म:

  • IVRS कॉल
  • SMS
  • WhatsApp
  • तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप

सरकार ने लोगों से एलपीजी एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाने और घर बैठे बुकिंग करने की अपील की है।


नागरिकों के लिए सलाह

सरकार ने नागरिकों से कहा है:

  • घबराकर सिलेंडर बुक न करें
  • जहां संभव हो पीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करें
  • केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि दशकों से देश में विश्वसनीय रूप से एलपीजी की आपूर्ति करने वाली तेल कंपनियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


(इनपुट: पीआईबी)

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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