देवजी ने डाले हथियार! सीएम साय बोले– नक्सलमुक्त भारत का संकल्प होगा पूरा, डिप्टी सीएम ने कहा– अंतिम पड़ाव पर नक्सलवाद
डेढ़ करोड़ के इनामी महासचिव थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी और 1 करोड़ के इनामी संग्राम ने तेलंगाना पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण, आधिकारिक पुष्टि बाकी
नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगने की खबर है। संगठन के महासचिव और पोलित ब्यूरो मेंबर थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी ने अपने साथी सीसीएम संग्राम के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने देवजी को महासचिव बनाया था। वर्तमान में वह संगठन का सबसे बड़ा लीडर माना जा रहा था। उस पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, संग्राम एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे नक्सल-विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि नक्सली संगठन के शीर्ष नेताओं का आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह का नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अवश्य पूरा होगा।
प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सूचना मिल रही है कि देवजी और संग्राम ने तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर किया है। यह बहुत बड़ी जीत है। नक्सलियों के समापन का अंतिम पड़ाव आ चुका है। उन्होंने बताया कि कर्रेगुट्टा अभियान जारी है और अब तक 89 आईईडी बरामद किए जा चुके हैं। कुछ अन्य नामों से भी बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि सीमावर्ती राज्य में कुछ वरिष्ठ नक्सली कैडरों के आत्मसमर्पण की खबरों को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसी किसी भी घटना की आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियां या संबंधित राज्य के अधिकारी ही कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नक्सली संगठन अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। अब कैडरों के पास हिंसा त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है। उन्होंने नक्सली नेतृत्व और कैडरों से अपील की कि वे आगे आकर हथियार डालें और शांति का मार्ग अपनाएं, अन्यथा परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक बस्तर के अलग-अलग इलाकों में अब करीब 200 आर्म्ड कैडर ही बचे हैं, जो छोटे-छोटे समूहों में छिपे हुए हैं। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन पूरी तरह खत्म हो चुका है। उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन से भी नक्सलियों का लगभग सफाया हो गया है।
जानकारी के अनुसार दक्षिण बस्तर के जंगलों में पापाराव अपने साथियों के साथ अलग-अलग टुकड़ियों में छिपा हुआ है, जबकि मिशिर बेसरा झारखंड में मौजूद बताया जा रहा है।