सुकमा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर सीमाक्षेत्र में एक बार फिर बड़ा नक्सल ऑपरेशन चल रहा है। खूंखार नक्सली हिड़मा समेत कई बड़े माओवादी लीडरों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन पिछले 48 घंटे से जंगलों में सघन सर्चिंग अभियान चला रही हैं।
गुरुवार को हुई मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर हुआ, जबकि कोबरा बटालियन का एक जवान शहीद हो गया। इसके बावजूद ऑपरेशन नहीं थमा है, लगातार भारी बारिश के बावजूद जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं।
जिला मुख्यालय स्थित वॉर रूम में कमान संभाले हुए हैं एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता और डीएसपी मनीष रात्रे। ये अधिकारी रातभर जवानों की हर गतिविधि पर नजर रखते हुए रणनीतिक सहयोग दे रहे हैं।
बसव राजू के मारे जाने से माओवादियों को बड़ा झटका
अबूझमाड़ के जंगलों में एनकाउंटर में मारे गए बसव राजू के बाद माओवादियों के सामने अब “मौत या समर्पण” ही एकमात्र विकल्प बचा है। 70 वर्षीय बसव राजू भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का महासचिव और केंद्रीय सैन्य प्रमुख था। उसने माओवादी आंदोलन की वैचारिक नींव रखी थी।
पूर्व DGP आरके विज के अनुसार, बसव राजू की मौत ने माओवादी संगठन की रीढ़ तोड़ दी है। अबूझमाड़ से लेकर कर्रेगुट्टा तक के माओवादी गढ़ों पर सुरक्षा बलों का दबदबा बढ़ गया है।
आंकड़े बताते हैं – हार की तरफ बढ़ रहा है माओवादी आंदोलन
- 441 माओवादी मारे गए पिछले डेढ़ साल में
- 1200+ माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके
- 1200 से ज्यादा गिरफ्तारियां
- माओवाद की पहली पीढ़ी खत्म होने की कगार पर, नई पीढ़ी कमजोर और बिखरी हुई
नए संभावित चेहरे: देवूजी और भूपति
भारत की खुफिया एजेंसियों के अनुसार अब थिप्परी तिरुपति उर्फ देवूजी और मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू/भूपति को संगठन में बड़ी भूमिका मिल सकती है।
- देवूजी: माओवादी केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) का प्रमुख
- भूपति: पार्टी का वैचारिक और क्षेत्रीय प्रमुख, सेंट्रल रीजनल ब्यूरो (CRB) का नेतृत्व
गृहमंत्री अमित शाह के 2026 तक माओवाद के खात्मे के संकल्प को देखते हुए, अब यह अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।
बसव राजू की मौत के साथ माओवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोक दी गई है।