रायपुर, 20 मार्च 2026 | छत्तीसगढ़ समाचार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद को डबल इंजन की सरकार ने काफी हद तक समाप्त कर दिया है। उन्होंने यह बात नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य एवं गैर-सैन्य अधिकारियों के एक अध्ययन दल से मुलाकात के दौरान कही।

मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए। अध्ययन दल का नेतृत्व एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी कर रहे थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की।

छत्तीसगढ़: प्राकृतिक संसाधनों और संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान तथा कैम्पा योजना इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

खनिज संपदा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य कोयले से लेकर हीरे तक के संसाधनों से समृद्ध है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है और लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

नक्सलवाद पर नियंत्रण, विकास को मिली गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सल समस्या अब समाप्ति की ओर है, जिससे प्रदेश में विकास को नई गति मिली है।

किसानों और महिलाओं के लिए योजनाएं

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है। राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

महिला सशक्तिकरण के तहत ‘महतारी वंदन योजना’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है। इसके अलावा 5.30 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।

विदेशी अधिकारियों ने की सराहना

अध्ययन दल में शामिल विदेशी सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा की।

एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के कारण राज्य में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने सुरक्षाबलों के बढ़े हुए मनोबल और नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की भी सराहना की।

5 दिवसीय अध्ययन दौरा

गौरतलब है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज का 15 सदस्यीय दल 5 दिवसीय अध्ययन दौरे पर छत्तीसगढ़ आया है। यह दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन कर रहा है, जिसमें 5 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

दौरे के दौरान अधिकारियों ने नया रायपुर की शहरी व्यवस्था, कृषि एवं वन विभाग के कार्य, कांकेर स्थित जंगल वारफेयर कॉलेज, बस्तर क्षेत्र, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव के शिल्पग्राम और भिलाई स्टील प्लांट का भ्रमण किया। साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं का भी अध्ययन किया।


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By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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