सोमवार सुबह 5:36 बजे दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था और इसकी गहराई पांच किलोमीटर बताई गई।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इस बारे में जानकारी दी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया। भूकंप के तेज झटकों के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप के बाद ट्वीट किया और लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
भूकंप की तीव्रता और स्थान
इस भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था और इसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में हर दो से तीन साल में हल्के भूकंप के झटके महसूस होते हैं। 2015 में भी यहां 3.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
लोगों के अनुभव
भूकंप के दौरान कई इलाकों में लोग घबराकर बाहर निकल आए। पश्चिमी दिल्ली के निवासी नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले कभी इतना तेज भूकंप महसूस नहीं किया। गाजियाबाद की एक ऊंची इमारत में रहने वाले व्यक्ति ने कहा कि झटके इतने तेज थे कि सभी लोग घबराकर नीचे आ गए। वहीं, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे रतनलाल शर्मा ने कहा, “ऐसा लगा जैसे कोई ट्रेन अचानक झटके से रुक गई हो।”
राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया
आप नेता आतिशी ने ट्विटर पर लिखा, “दिल्ली में तेज भूकंप महसूस हुआ, मैं ईश्वर से सभी की सुरक्षा की प्रार्थना करती हूं।” इस पोस्ट को री-शेयर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सभी की सुरक्षा की कामना की। वहीं, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने लिखा, “10 मिनट पहले दिल्ली में तेज झटके महसूस हुए, नींद खुल गई। उम्मीद है कि सभी सुरक्षित होंगे।”
भूकंप क्यों आता है?
भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की आपसी टकराहट से उत्पन्न होता है। ये प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं और जब ये टकराती हैं, तो प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं या टूटने लगते हैं। इस दौरान उत्पन्न ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता ढूंढती है और यह ऊर्जा अचानक बाहर आती है, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
