छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस नेताओं के फोन सर्विलॉन्स होने वाले आरोप पर पलटवार किया है। विजय शर्मा ने कहा कि भाजपा ने भी कभी जासूसी के आरोप लगाए थे,लेकिन तब कुछ हुआ था, तभी कहा था,लेकिन कांग्रेस के आरोप निराधार हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम किए कांग्रेस नेताओं को ठलहा भी कहा। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ी में ठलहा का अर्थ बिना किसी काम में लिप्त खाली,फालतू व्यक्ति को कहते हैं।
क्यों करेंगे? क्या मसला है, कोई बात ही नहीं है, जबरदस्ती की बातें हैं. एकदम निराधार और बेकार की बातें हैं, ना कोई संभावना.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसी बजट से डर गए हैं. बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है. निरर्थक बातें कर रहे हैं. इस पर जब बीजेपी विपक्ष में थी तब उनके फोन टेप होने वाले बयान पर कहा कि कभी हुआ था, कभी कहा भी था. लगा तब कहा था, लेकिन ऐसी सुबह उठकर नहीं कहा था. कांग्रेस का यह बोलना औचित्यपूर्ण विषय है.
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में विपक्षी नेताओं की कथित निगरानी को लेकर कड़ा बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ गुप्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर किया जा सके। बघेल ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और इससे यह साफ होता है कि भाजपा अपनी हार से बौखलाकर इस तरह के असंवैधानिक कदम उठा रही है।
कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ” छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के आदेश पर विपक्षी नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यह निगरानी न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से अनुचित है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी खतरनाक है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है, ताकि वे अपनी आवाज उठाने से डरें और उनकी राजनीतिक गतिविधियाँ सीमित हो जाएं।
