भारत के महान बल्लेबाज विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की, जिससे भारतीय क्रिकेट में एक युग का समापन हो गया। यह कदम उनके लंबे समय के साथी और भारतीय टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास के बाद आया है।
विराट कोहली का टेस्ट करियर
विराट कोहली ने 2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और 123 मैचों में 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 2014 से 2022 तक भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी की, इस दौरान टीम ने 68 मैचों में से 40 में जीत हासिल की, जो किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा सर्वाधिक है। कोहली की कप्तानी में भारत दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भी पहुंचा।(news, Reuters)
संन्यास की घोषणा
कोहली ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “मैंने टेस्ट क्रिकेट में जो कुछ भी किया, वह मेरे दिल से था। अब समय आ गया है कि मैं इस प्रारूप को अलविदा कहूं।” उनकी यह घोषणा भारतीय क्रिकेट जगत में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि यह रोहित शर्मा के संन्यास के बाद आया है।
भविष्य की योजनाएं
विराट कोहली ने टेस्ट और T20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में खेलने की इच्छा जताई है। उनका मानना है कि एकदिवसीय क्रिकेट में उनका अनुभव टीम के लिए उपयोगी हो सकता है। वर्तमान में, वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते हैं।
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रियाएं
कोहली के संन्यास की घोषणा के बाद, क्रिकेट जगत से उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो गया। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने उनके योगदान की सराहना की है। आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ने भी कोहली को टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनके समर्पण और योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट में योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। उनकी बल्लेबाजी, कप्तानी, और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें एक अद्वितीय स्थान दिलाया है। उनके संन्यास के साथ ही भारतीय क्रिकेट एक नए युग की ओर बढ़ रहा है।