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छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत और वनाधिकार संरक्षण की अभिनव पहलों को SKOCH Gold Award
नई दिल्ली, 27 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास विभाग को जनजातीय विरासत के संरक्षण, जनजातीय कल्याण और वनाधिकारों की निरंतर सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव कार्यों के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो महत्वपूर्ण पहलों ‘आदि विरासत (AADI VIRASAT)’ और ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ के लिए प्रदान किया गया।
इन दोनों परियोजनाओं का चयन SKOCH Award की तीन स्तरीय प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया के साथ Public Voting के बाद किया गया। इस प्रक्रिया में तत्कालीन टीम लीडर एवं प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, IAS को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने दोनों परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तुतीकरण Jury के समक्ष रखा। Jury मूल्यांकन और Public Voting के बाद विभाग की पहलों को सम्मान के लिए चयनित किया गया। इस अवसर पर परियोजनाओं से जुड़े विभागीय अधिकारी श्री बी.के. राजपूत, संयुक्त सचिव और श्रीकांत शुक्ला, OSD भी उपस्थित रहे।
‘AADI VIRASAT’ के जरिए जनजातीय इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल
‘AADI VIRASAT’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में जनजातीय इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने के लिए दो महत्वपूर्ण संग्रहालयों का निर्माण किया गया है।
इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय शामिल है, जिसका उद्घाटन नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। इसके साथ ही राज्य के पहले जनजातीय संग्रहालय का निर्माण भी किया गया, जिसका उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
इन संग्रहालयों में जनजातीय इतिहास और संस्कृति को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल तकनीक, AR/VR और immersive experiences का उपयोग किया गया है। इसका उद्देश्य जनजातीय विरासत को नई पीढ़ी के लिए अधिक संवादात्मक और अनुभवात्मक रूप में प्रस्तुत करना है।
‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ से अधिकारों की निरंतरता पर जोर
‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ पहल के माध्यम से वनाधिकार को केवल एक बार प्राप्त होने वाले अधिकार के बजाय पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रहने वाली सतत व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है।
इस पहल में वनाधिकार से संबंधित अभिलेखों के अद्यतन, अधिकारों के उत्तराधिकार की व्यवस्था तथा हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य वनाधिकार प्राप्त परिवारों के अधिकारों की निरंतरता और संबंधित अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव को सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री और मंत्री ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और आदिम जाति विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विभागीय अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस सम्मान को छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की विरासत और अधिकारों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान बताया।
SKOCH Gold Award से सम्मानित इन पहलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने जनजातीय गौरव, विरासत संरक्षण और अधिकार-आधारित प्रशासन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया है।
