6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
ओम माथुर को केरल, आर्लेकर को तमिलनाडु और ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड की जिम्मेदारी
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा देश के 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति किए जाने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त राज्यपालों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी राज्यपालों का समृद्ध अनुभव, दीर्घ सार्वजनिक जीवन और कुशल मार्गदर्शन संबंधित राज्यों में सुशासन, जनकल्याण और संवैधानिक मूल्यों को नई मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने केरल के राज्यपाल नियुक्त किए गए ओम प्रकाश माथुर, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, ओडिशा के राज्यपाल बृज मोहन राम, कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव, उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत गौतम को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सफल, यशस्वी और गरिमामय कार्यकाल की मंगलकामना की।
भाजपा के अनुभवी नेताओं को मिली जिम्मेदारी
नवनियुक्त राज्यपालों में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ओम प्रकाश माथुर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य रह चुके हैं और जुलाई 2024 में सिक्किम के राज्यपाल बने थे। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर गोवा सरकार में मंत्री रहने के साथ हिमाचल प्रदेश, बिहार और केरल के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
बृज मोहन राम पूर्व सांसद और बिहार विधानसभा के पूर्व सदस्य रहे हैं। डॉ. सुधा यादव महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और भाजपा के संसदीय बोर्ड में भी शामिल रही हैं।
वहीं, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन चार बार विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 2019 में बालाघाट लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। दुष्यंत गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं।
सुशासन और जनकल्याण को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्यपालों का दायित्व संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने और राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त राज्यपाल अपने अनुभव और मार्गदर्शन से संबंधित राज्यों की विकास यात्रा को नई गति देंगे तथा जनकल्याण के कार्यों को और सशक्त बनाएंगे।
राष्ट्रपति द्वारा की गई इन नियुक्तियों के बाद छह राज्यों में राज्यपालों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। इन नियुक्तियों को राज्यों में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन और प्रशासनिक मार्गदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
