स्वतंत्रता दिवस 2025 : लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, आत्मनिर्भर भारत और सुरक्षा का खाका पेश किया
15 अगस्त 2025 को पूरे देश ने 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया. इस बार उनका भाषण अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा, जिसकी अवधि 104 मिनट थी. भाषण में उन्होंने देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, युवाओं के लिए रोजगार, खेल, संस्कृति और तकनीकी विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं.
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत राष्ट्र के वीर जवानों को नमन करते हुए की. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का विशेष तौर पर जिक्र किया और कहा कि इस अभियान में भारतीय हथियारों की ताकत ने दुश्मनों को हैरान कर दिया. मेड इन इंडिया अस्त्र-शस्त्रों ने साबित कर दिया कि भारत आत्मनिर्भर बन चुका है. प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर बताया.

उन्होंने देश को बताया कि भारत अब अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट इंजन बनाएगा. इसके साथ ही उन्होंने ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ की घोषणा की जो आने वाले वर्षों में भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा. यह एक आधुनिक, प्रिसाइज वेपन सिस्टम होगा जो दुश्मन की हर हरकत का जवाब देने में सक्षम होगा.
देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने घुसपैठियों पर कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि देश की डेमोग्राफी को बदलने की साजिशों को सरकार किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी. इसी के तहत एक हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू किया जा रहा है.
देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत की. एक लाख करोड़ रुपये की इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को पंद्रह हजार रुपये की मदद दी जाएगी. साथ ही जो कंपनियां ज्यादा नौकरियां देंगी, उन्हें भी प्रोत्साहन मिलेगा. इससे करीब तीन से साढ़े तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
खेल को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी की घोषणा की गई. प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों को स्कूल और कॉलेज स्तर से बढ़ावा दिया जाएगा ताकि देश का हर बच्चा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सके. साथ ही उन्होंने मोटापे की समस्या पर चिंता जताई और लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि घर में 10 प्रतिशत कम तेल का उपयोग किया जाए.
प्रधानमंत्री ने भाषण में ‘वोकल फॉर लोकल’ का भी ज़िक्र किया और देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिए ‘दाम कम और दम ज्यादा’ के सिद्धांत पर काम करना होगा.
देश की सांस्कृतिक विरासत और भाषाई विविधता पर भी प्रधानमंत्री ने प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारत की ताकत इसकी विविधता में है. मराठी, असमिया, बांग्ला, पाली और प्राकृत जैसी भाषाओं को क्लासिकल भाषा का दर्जा दिया गया है. ‘ज्ञान भारतम योजना’ के तहत देशभर के पुराने हस्तलिखित ग्रंथों और पांडुलिपियों को संरक्षित करने की दिशा में काम हो रहा है.
प्रधानमंत्री ने एलान किया कि 2035 तक देश के हर महत्वपूर्ण स्थल को तकनीकी सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा. इसमें अस्पताल, रेलवे स्टेशन, आस्था केंद्र और सामरिक क्षेत्र शामिल होंगे.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने का भी ज़िक्र किया और कहा कि संघ ने देश की सेवा में एक सदी का योगदान दिया है. उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताया.
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र हमारे देश की आत्मा हैं. संविधान हमारे लिए सर्वोपरि है और इसी के तहत देश ने विकास की राह तय की है.
इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम थी – ‘स्वतंत्रता का सम्मान करें, भविष्य को प्रेरित करें’. लाल किले पर सुबह 7 बजकर 21 मिनट पर प्रधानमंत्री पहुंचे. इसके बाद उन्होंने ध्वजारोहण किया, राष्ट्रगान गाया गया और तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
पूरे देश में आजादी का जश्न मनाया गया. कश्मीर से कन्याकुमारी तक और मुंबई से लेकर गुवाहाटी तक तिरंगा शान से लहराता रहा. इस अवसर पर देशवासियों ने प्रधानमंत्री के संकल्पों के साथ जुड़कर आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर एक और कदम बढ़ाया.
