उप राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने सी. पी. राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार, अभी महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, कोयंबटूर से रह चुके हैं सांसद


नई दिल्ली | एनडीए ने उप राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के तौर पर सी. पी. राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया है। फिलहाल वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया।

सी. पी. राधाकृष्णन दक्षिण भारत में बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे दो बार तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। साथ ही पार्टी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने दक्षिण भारत में भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

छात्र आंदोलन से राजनीति तक का सफर

1957 में तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे राधाकृष्णन ने छात्र आंदोलन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया। 1974 में जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी में शामिल हुए। बाद में आरएसएस से जुड़े और फिर भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाने लगे।

1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद बने, लेकिन 2004, 2014 और 2019 में यहीं से चुनाव हार गए। 2007 में उन्होंने 93 दिनों में 19 हजार किलोमीटर लंबी रथ यात्रा निकाली थी। इस दौरान आतंकवाद, नशा मुक्ति, समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को उठाया।

राज्यपाल के रूप में किया अच्छा काम

2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया। इसके बाद तेलंगाना के राज्यपाल और पुदुच्चेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी मिला। जुलाई 2024 में महाराष्ट्र के राज्यपाल बनाए गए।

कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं

राधाकृष्णन संसद की कपड़ा मंत्रालय संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच के लिए बनी विशेष समिति के सदस्य थे। 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था। वे ताइवान जाने वाले पहले भारतीय संसद प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।

2016 से 2020 तक कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में भारत का नारियल रेशा (कोयर) निर्यात 2532 करोड़ रुपए तक पहुंचा। 2020 से 2022 तक वे भाजपा के केरल प्रभारी भी रहे।


उप राष्ट्रपति चुनाव कैसे होता है?

उप राष्ट्रपति का चुनाव सांसदों द्वारा परोक्ष मतदान से होता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य वोट डाल सकते हैं। किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए 20 सांसदों का समर्थन (प्रस्तावक) और 20 सांसदों की अनुमोदन (सेकंडर) की जरूरत होती है।

उम्मीदवार की उम्र कम से कम 35 साल होनी चाहिए और वह राज्यसभा का सदस्य बनने के योग्य होना चाहिए। कोई सरकारी पदधारी व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।


अहम तारीखें

  • नामांकन की आखिरी तारीख: 21 अगस्त
  • मतदान और परिणाम: 9 सितंबर

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