कागजी फॉर्म खत्म, मोबाइल डिवाइस और जियो-टैगिंग से होगी हर घर की यूनिक पहचान
Census 2027 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हर दस साल में होने वाली भारत की जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल (Digital Census 2027) होगी। कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और केंद्रीकृत वेब-आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। यह भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी।
CMMS पोर्टल से होगा पूरा संचालन
जनगणना 2027 का संचालन जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (Census Management and Monitoring System – CMMS) के जरिए किया जाएगा। यह विशेष डिजिटल पोर्टल दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक भारतीय जनगणना को संचालित करेगा।
CMMS के माध्यम से:
- यूजर क्रिएशन और प्रशिक्षण मॉड्यूल
- हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) का गठन
- सुपरवाइजरी सर्किल निर्धारण
- गणनाकारों की नियुक्ति
- पहचान पत्र जारी करना
- फील्ड ऑपरेशन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
जैसे सभी कार्य डिजिटल तरीके से किए जाएंगे।
32 लाख फील्ड वर्कर जुटेंगे डेटा संग्रह में
करीब 32 लाख गणनाकार और पर्यवेक्षक मोबाइल डिवाइस के माध्यम से देशभर के करोड़ों घरों से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक आंकड़े एकत्र करेंगे।
यह डेटा सीधे CMMS सिस्टम में ट्रांसमिट होगा, जहां उसका संकलन और सत्यापन तुरंत किया जा सकेगा। इससे त्रुटियों में कमी आएगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व तेज होगी।
33 सवाल पूछेगी सरकार
जनगणना 2027 के दौरान गणनाकार घर-घर जाकर कुल 33 प्रश्न पूछेंगे। इन सवालों के जरिए परिवार की सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
डिजिटल प्रक्रिया के तहत हर घर की जियो-टैगिंग होगी, जिससे प्रत्येक आवास की यूनिक पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी।
रजिस्ट्रार जनरल का सर्कुलर जारी
भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में स्पष्ट किया है कि जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
परिपत्र में कहा गया है कि:
“आगामी जनगणना 2027 में आंकड़ों के संग्रह और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। यह जनगणना प्रक्रिया के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी कदम होगा।”
क्यों खास है Census 2027?
- पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना
- जियो-टैगिंग से हर घर की यूनिक पहचान
- रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग
- तेज, पारदर्शी और त्रुटि रहित प्रक्रिया
- केंद्रीकृत वेब आधारित CMMS प्लेटफॉर्म