पश्चिम एशिया संकट के बीच सर्वदलीय बैठक
सरकार ने दिया ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा
पेट्रोल-डीजल और LPG सप्लाई पर क्या कहा गया
विपक्ष का रुख और कांग्रेस का बयान
बैठक में शामिल प्रमुख नेता
भारत पर तेल संकट का असर
नई दिल्ली, 25 मार्च 2026। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारत सरकार ने बुधवार को संसद भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित कर विपक्ष की चिंताओं और सवालों का विस्तृत जवाब दिया। बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद जानकारी दी कि सरकार ने हर सवाल का संतोषजनक उत्तर दिया है और देश का ऊर्जा भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है।
सरकार ने दिया ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा
सरकार की ओर से बताया गया कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि रिफाइनरियां अपनी पूर्ण क्षमता पर कार्य कर रही हैं और देश में लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता मौजूद है।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर पैनिक बाइंग और लंबी कतारें देखी गईं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी सप्लाई टर्मिनलों और पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
LPG और गैस सप्लाई पर भी स्थिति सामान्य
सरकार ने स्पष्ट किया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। PNG कनेक्शन के विस्तार पर तेजी से काम हो रहा है और लाखों उपभोक्ता अब तक LPG से PNG में शिफ्ट हो चुके हैं। साथ ही ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली भी 92 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
सर्वदलीय बैठक में हुई चर्चा
बैठक में सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न वैश्विक तेल-गैस संकट के प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों का जवाब दिया गया और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को छोड़कर सत्ता पक्ष और अधिकांश विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। हालांकि, TMC ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।
विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों की ओर से कांग्रेस ने बैठक पर असंतोष जताया। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि उनकी प्राथमिक मांग संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत चर्चा कराने की थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
बैठक में शामिल प्रमुख नेता
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वैश्विक हालात और भारत पर असर
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, हालांकि भारत सरकार ने दावा किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी।
सरकार का दावा: स्थिति नियंत्रण में
सरकार का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से लगातार जहाज भारत आ रहे हैं और आपूर्ति श्रृंखला सुचारू है। साथ ही जमाखोरी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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