बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 ने इस वर्ष एक नया इतिहास रच दिया। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 में 9,800 से अधिक धावकों ने भाग लेकर इसे एक भव्य और यादगार आयोजन बना दिया। यह आयोजन बस्तर की बदलती तस्वीर, शांति और विकास का प्रतीक बनकर सामने आया।
मैराथन की शुरुआत लालबाग मैदान से हुई और इसका समापन विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर हुआ। इस दौरान देश-विदेश से आए धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बस्तर की पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती दी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन बस्तर को समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति और विकास की नई मिसाल बन रहा है और युवाओं की सफलता इस बदलाव का प्रमाण है।
इस मैराथन को चार श्रेणियों में आयोजित किया गया जिसमें 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ शामिल रही। विभिन्न श्रेणियों की दौड़ जगदलपुर के अलग-अलग मार्गों से होकर संपन्न हुई, जिसमें हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रशासन द्वारा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 25 लाख रुपये की इनामी राशि घोषित की गई थी। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों के लिए विशेष ‘बस्तर कैटेगरी’ और निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
मैराथन में मांझी-चालकी समुदाय की भागीदारी ने आयोजन को और अधिक समावेशी बनाया। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति भी रही, जिससे यह कार्यक्रम और अधिक भव्य बन गया।
यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और शांति के संदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने में भी सफल रहा।
