रायपुर, 20 मई 2025
छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक आशुतोष चावरे पर कथित भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और दस्तावेज़ों में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने आज रायपुर रेंज के आईजी एवं ACB/EOW प्रभारी श्री अमरेश मिश्रा को पत्र लिखकर चावरे के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और लंबित मामलों में उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
विकास तिवारी ने पत्र में उल्लेख किया है कि आशुतोष चावरे के विरुद्ध वर्ष 2016 में अपराध क्रमांक 38/2016 के तहत IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120B तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 13(1)डी और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। परंतु, नौ वर्षों के बीत जाने के बाद भी उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो न्यायिक प्रक्रिया की गंभीर अवहेलना है।

तिवारी के अनुसार, चावरे भ्रष्टाचार के कई मामलों में संलिप्त हैं और अब तक न केवल जांच से बचते रहे हैं बल्कि अपने पद का दुरुपयोग कर सबूतों को भी गायब कर चुके हैं। हाल ही में एक आरटीआई के जवाब में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रकरण की फाइल लोक शिक्षण संचालनालय से गायब है। इतना ही नहीं, चावरे पर गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को संरक्षण देने, आरटीई के तहत गरीब छात्रों के अधिकारों को हड़पने और करीब 500 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का भी आरोप है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि चावरे वर्तमान में उस शाखा के प्रभारी हैं, जहाँ मान्यता, अनुदान, बजट एवं भंडारण से जुड़ी फाइलें होती हैं, जिससे उनके पास सबूतों को नष्ट करने की पूरी संभावना है। उन्होंने मांग की है कि चावरे की तुरंत गिरफ्तारी कर दस्तावेज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

गौरतलब है कि चावरे इस वर्ष दिसंबर में सेवा निवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। विकास तिवारी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वे संबंधित अन्य दस्तावेज़ और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस और EOW इस गंभीर प्रकरण में क्या रुख अपनाते हैं और क्या भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं। हालांकि हम भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं,यह महज शिकायत पर आधारित समाचार है।