रायपुर, 17 मार्च 2026। रायपुर में विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10 हजार 617 करोड़ 73 लाख रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं।
इसमें ऊर्जा, जल संसाधन, खनिज, आईटी और प्रशासनिक विभागों के लिए बजट प्रावधान शामिल हैं।
अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “संकल्प” थीम के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस और जीरो टॉलरेंस नीति से व्यवस्थागत गड़बड़ियों पर रोक लगी है और अब सरकारी राशि सीधे जनकल्याण में खर्च हो रही है।
पारित बजट में ऊर्जा विभाग को 4236 करोड़ रुपए, जल संसाधन विभाग को 3105 करोड़ रुपए, खनिज विभाग को 1145 करोड़ रुपए, सामान्य प्रशासन विभाग को 612 करोड़ रुपए, जनसम्पर्क विभाग को 469 करोड़ रुपए, आईटी विभाग को 417 करोड़ रुपए और विमानन विभाग को 314 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में अभियान तेज हुआ है। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और नियद नेल्ला नार योजना के तहत 158 गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में 11 हजार 107 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिससे 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। आने वाले समय में 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने की योजना है।
ऊर्जा क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 30 हजार मेगावाट है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ उपभोक्ताओं और किसानों को राहत देने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
खनिज राजस्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 में 12 हजार 305 करोड़ रुपए के मुकाबले वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ रुपए हो गया है और वर्ष 2025-26 में 17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।
आईटी और एआई के क्षेत्र में राज्य को आगे बढ़ाने के लिए 417 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री एआई मिशन के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई लैब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
