छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है।
- नक्सलवाद उन्मूलन नीति में बदलाव
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाते हुए “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025” को मंजूरी दी। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी आतंकवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। - औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 के विधानसभा के प्रारूप को मंजूरी दी गई, जो राज्य में औद्योगिक सुरक्षा को बढ़ावा देगा। - सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप को अनुमोदित किया। - निजी विश्वविद्यालय विधेयक-2025
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। - फिल्म “छावा” को टैक्स फ्री करने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 27 फरवरी को फिल्म “छावा” को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी, जिसके अनुसार फिल्म के प्रदर्शन पर राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। - राज्य जल सूचना केंद्र का गठन
जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य जल सूचना केंद्र (SWIC) का गठन किया गया। यह केंद्र जल संसाधन संबंधित सभी महत्वपूर्ण डेटा संग्रहण, विश्लेषण और भंडारण करेगा और जल प्रबंधन में सुधार लाएगा। - बांध सुधार कार्यों के लिए ऋण स्वीकृति
राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा 09 प्रमुख बांधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रुपये के ऋण की स्वीकृति प्राप्त की गई। - मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना
राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की शुरुआत की गई। यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित होगी। - भारत माला परियोजना में भ्रष्टाचार की जांच
छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए ईओडब्ल्यू के माध्यम से जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
इन निर्णयों से राज्य के विकास, सुशासन और नागरिकों की भलाई के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।
