दुर्ग, छत्तीसगढ़ |

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में महादेव सट्टा एप से कथित रूप से जुड़े एक सटोरिए के साथ पुलिस अधिकारियों की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले ने अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है।


वायरल फोटो से मचा बवाल, PHQ ने की तत्काल कार्रवाई
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हुई, जिसमें एडिशनल एसपी सिटी सुखनंदन राठौर, निरीक्षक कपिल देव पांडे और उप निरीक्षक चेतन चंद्राकर एक ऐसे व्यक्ति के साथ नजर आ रहे थे, जिसे महादेव सट्टा एप से जुड़ा सटोरिया बताया गया। तस्वीर सामने आते ही पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और मीडिया व राजनीतिक हलकों में इसकी जमकर चर्चा हुई।
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया।


पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार:
कपिल देव पांडे, थाना प्रभारी जामुल को पुलिस मुख्यालय (PHQ) अटैच किया गया है।
चेतन चंद्राकर, उप निरीक्षक दुर्ग को भी PHQ अटैच किया गया है।
अरविंद कुमार साहू, रक्षित निरीक्षक राजनांदगांव को नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी भेजा गया है।
बालाराम सिन्हा, उप निरीक्षक महासमुंद को धमतरी स्थानांतरित किया गया है।


पुराना मामला भी आया चर्चा में
उप निरीक्षक चेतन चंद्राकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में ‘गुड लिस्ट’ अधिकारी माने जाते थे। वे तब सुर्खियों में आए थे, जब सितंबर 2020 में उन्होंने भाजपा नेता जयराम दुबे को पाटेकोहरा चेकपोस्ट पर 13 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दुबे महाराष्ट्र से अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे। उस समय भाजपा ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया था।
भाजपा का आरोप था कि दुबे सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से कांग्रेस सरकार की कथित गलतियों और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें फंसाया गया।


भाजपा का तीखा हमला: ‘कर्मों का फल मिल रहा है
वर्तमान घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता जयराम दुबे ने कहा, “कांग्रेस शासनकाल में अधिकारियों को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मामले गढ़ने के निर्देश दिए जाते थे। अब उन्हीं अधिकारियों का नाम सट्टा घोटाले में सामने आना इस बात का प्रमाण है कि वे किसके इशारे पर काम कर रहे थे।”


उन्होंने कांग्रेस पर सनातन धर्म और आस्था के प्रतीकों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। दुबे ने कहा, “श्रीराम और महादेव के नाम का दुरुपयोग करने, गऊ माता के नाम पर गोबर घोटाले करने का पाप कांग्रेस और उनके चाटुकारों को लगा है। अब इसका फल मिल रहा है।”
भविष्य में और कार्रवाई संभव
भाजपा नेता जयराम दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ संकेत दिया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेगी और “सुशासन” के वादे को जमीन पर उतारेगी।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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