26 अप्रैल 2025/छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। निवेशकों को विभिन्न आवश्यक स्वीकृतियां और सेवाएं अब तय समय-सीमा में प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही, कई नई सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत अधिसूचित भी कर दिया गया है, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य बनाना हमारी प्राथमिकता है। औद्योगिक विकास से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होंगे। हमारी सरकार निवेशकों को त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, खतरनाक तथा अन्य अपशिष्ट प्रबंधन के तहत अनुमति प्रदान करने के लिए 60 दिन, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अनुमति के लिए 60 दिन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु स्वीकृति के लिए 30 दिन और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अनुमति के लिए भी 30 दिन की समय-सीमा तय की गई है। इसी तरह नदी या सार्वजनिक जलाशयों से जल दोहन हेतु अनुमति 300 दिनों में प्रदान की जाएगी, जबकि जल आपूर्ति एजेंसी से जल की अनुपलब्धता का प्रमाण पत्र 90 दिनों के भीतर जारी किया जाएगा।भवन निर्माण से संबंधित पांच चरणों जैसे भवन योजना स्वीकृति, परिवर्तन या पुनरीक्षण की अनुमति, ध्वस्तीकरण एवं पुनर्निर्माण की अनुमति, प्लिंथ स्तर स्वीकृति तथा अधिभोग/पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए अधिकतम 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी प्रकार लिफ्ट और एस्केलेटर की स्थापना हेतु पंजीकरण, नवीनीकरण और निरीक्षण के लिए 45 दिन का समय तय किया गया है। स्टार्टअप इकाइयों के पंजीकरण के लिए भी 45 दिन की समय-सीमा तय की गई है।इसके अलावा, निवेशकों की सुविधा केंद्र और निवेश प्रोत्साहन एजेंसी द्वारा प्रश्नों का प्रत्युत्तर 7 दिनों में तथा प्रश्नों और शिकायतों का निराकरण 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। सेवा क्षेत्र की इकाइयों के प्रश्नों का समाधान भी 7 दिनों में और शिकायतों का निराकरण 15 दिनों में किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि निवेशकों की सुविधा के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण और सेवाओं का समयबद्ध निपटारा छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता है। हमें विश्वास है कि इससे छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक नक्शे पर और अधिक तेजी से अपना स्थान बनाने में सफल होगा।गौरतलब है कि अब तक जिन सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं किया गया था, उन्हें इस आदेश के माध्यम से अधिसूचित माना जाएगा। यह आदेश राज्य में लागू हो चुका है। छत्तीसगढ़ शासन का यह प्रयास औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा मे मददगार साबित होगा।
By Dhirendra Giri Goswami
धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।
