रायपुर, 30 जून 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक्स नीति 2025 को मंजूरी दे दी गई। इस नई नीति के तहत राज्य सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 140 करोड़ रुपये तक की अनुदान राशि और अन्य कई रियायतें देगी।

लॉजिस्टिक हब, ड्राइ पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो, एयर कार्गाे टर्मिनल और गति-शक्ति कार्गाे टर्मिनल जैसे अधोसंरचना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 140 करोड़ रुपये होगी। इसके अतिरिक्त बाह्य अधोसंरचना हेतु 50 प्रतिशत अनुदान सहित अन्य रियायतें निवेशकों को दी जाएगी। ट्रांसपोर्ट हब या फ्रेट स्टेशन के लिए यह अनुदान 35 प्रतिशत होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपये प्रावधानित है। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना है, जिससे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सस्ती और आधुनिक भंडारण सुविधाएं मिल सकें।

मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए उपयुक्त है। इसी का लाभ उठाते हुए राज्य सरकार अब लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करेगी। इससे राज्य की भंडारण क्षमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, जिससे व्यापार और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

इस नीति के तहत ड्राइ पोर्ट, कंटेनर डिपो और एयर कार्गाे टर्मिनल की स्थापना से स्थानीय उद्योगों और उत्पादकों को निर्यात बाजार तक पहुंचने का मौका मिलेगा। साथ ही वन संसाधन, वनोपज और औषधीय पौधों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने पर 35 से 45 प्रतिशत तक पूंजी निवेश अनुदान, 50 से 60 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान सहित विद्युत शुल्क और स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह लॉजिस्टिक पार्क के लिए प्रति एकड़ 25 लाख तक अनुदान, बाहरी अधोसंरचना के लिए 50 प्रतिशत सहायता, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। ग्रीन लॉजिस्टिक्स अपनाने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किया गया है। 500 करोड़ से अधिक निवेश या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

इस नीति का उद्देश्य राज्य में लॉजिस्टिक लागत को कम करना, आधुनिक मल्टीमोडल अधोसंरचना विकसित करना, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करना और लॉजिस्टिक सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ाना है। यहां उल्लेखनीय है कि पहले औद्योगिक नीति के तहत लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलता था, लेकिन अब भारत सरकार के लीड्स सर्वे के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने स्वतंत्र लॉजिस्टिक नीति बनाकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में कदम रख दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस नई पहल से जहां निवेश को नई दिशा मिलेगी, वहीं रोजगार, व्यापार और निर्यात के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का प्रमुख राज्य होगा।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed